योगी सरकार में युवती को पांच साल तक बंधक बनाकर बलात्कार करने वाले रामबाबू निषाद को क्यों बचाया बांदा पुलिस ने?

बलात्कार का शिकार हुई युवती को बांदा पुलिस ने नहीं मिलने दिया न्याय, तहरीर में खेल करवाकर बलात्कार की जगह छेड़छाड़ की धारा में दर्ज किया गया मुकदमा, मजबूरन करना पड़ा था बलात्कार की शिकार युवती को समझौता

जन एक्सप्रेस से कमलेश फाइटर की विशेष रिपोर्ट
लखनऊ/बांदा।
जन एक्सप्रेस आज फिर अपने वायदे के अनुसार कानपुर के विकास दुबे के क्लोन बांदा निवासी रामबाबू निषाद के एक और काले कारनामे का खुलासा करने जा रहा है! इस खुलासे के बाद से कहीं ना कहीं आप सभी योगी सरकार द्वारा महिलाओं की रक्षा करने के लिए किए गए वादों वाली बातों पर सोचने को मजबूर हो जाएंगे! क्योंकि इसी योगी सरकार में कोतवाली बांदा में सन 2019 में एक विधवा माँ की लाचार बेटी ने दुर्दांत रामबाबू निषाद पर लगातार जबरन 5 साल तक बलात्कार करने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी! बांदा कोतवाली पर बलात्कार का शिकार हुई युवती ने चिल्ला चिल्ला कर न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन रामबाबू निषाद के रसूख के कारण बांदा पुलिस ने तो पहले मनमानी तहरीर लिखवा कर धाराओं में खेल कर दिया और इसके बाद रामबाबू के अपराध व पुलिस तथा सफेद पोशों के नाजायज रिश्ते के कारण मजबूरन युवती को समझौता करने पर मजबूर होना पड़ा! क्योंकि जिले की पुलिस आला अधिकारी सफेदपोश सभी रामबाबू व उसके गुर्गों के पक्ष में खड़े दिखाई दिए!

पांच साल तक जबरन बलात्कार करने का युवती ने लगाया था आरोप,पुलिस ने छेड़छाड़ में दर्ज किया था मामला

विदित हो कि बीते वर्ष सितंबर माह में एक विधवा माँ की बेटी द्वारा उसे जबरन कब्जे में रखकर उसके साथ बलात्कार करने का आरोप दुर्दांत अपराधी रामबाबू निषाद पर लगाया गया था! युवती व उसकी मां ने चिल्ला चिल्ला कर के अपना दर्द बयां किया था लेकिन जिला प्रशासन ने एक न सुनी! बांदा कोतवाली पुलिस ने बलात्कार का आरोप लगाने वाली युवती की विधवा मां से ऐसी तहरीर लिखवा ली की जिसमें बलात्कार शब्द ही ना आए और ऐसा हुआ भी, 11 सितंबर सन 2019 को मुकदमा अपराध संख्या 555/2019 धारा 354 /504/506 आईपीसी रामबाबू निषाद के खिलाफ पंजीकृत कर उसे बचा लिया गया! हालांकि मामला साधारण धाराओं में पंजीकृत था इसलिए उसे गिरफ्तार नहीं किया गया! इसके बाद कुछ भ्रष्ट पुलिस वालों वह सफेदपोश तथा उसके कुछ चाहते जिले के जिम्मेदार अधिकारियों ने ऐसा माहौल बनाया कि पीड़ित विधवा व उसकी बेटी को अपनी जान बचाने के लिए समझौता करना पड़ा! जन एक्सप्रेस के पास युवती द्वारा सितंबर माह में लगाए गए उन आरोपों का स्पष्ट वीडियो है जिसमें वह चिल्ला चिल्ला कर कह रही है कि रामबाबू निषाद जबरन मेरा बलात्कार 5 सालों से कर रहा है! लेकिन मामला छेड़छाड़ की धाराओं में लिखा जाना यह स्पष्ट करता है कि ऐसे दुर्दांत बलात्कारी हत्यारे अपराधी को क्यों बांदा जिले का प्रशासन बचा रहा है! अब देखना यह है कि महिलाओं की रक्षा के हित में बड़ी-बड़ी बातें करने वाली योगी सरकार और उनके साथ बैठे ईमानदारी का दम भरने वाले डीजीपी प्रमुख सचिव व अन्य अधिकारी इस फाइल को पुनः खुलवा कर इस बलात्कारी दुर्दांत अपराधी को सजा दिलवा पाते हैं अथवा नहीं यह तो वक्त ही बताएगा! एक नए खुलासे के साथ मुलाकात होगी अगले अंक में…..

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