आगामी प्रधान पद के चुनाव के लिये ग्राम प्रधान जमकर लूट रहे सरकारी राजस्व

जन एक्सप्रेस/एसके सिंह/अख्तर अली।
निघासन-खीरी।
ब्लाक निघासन के गांव बंगलहाकुटी में आगामी प्रधान पद के चुनाव के लिये ग्राम प्रधान जमकर लूट रहे सरकारी राजस्व वहीं मनरेगा में जो मजदूर काम नहीं किये हैं,उनके नामों पर लाखों रुपयों का हो रहा वारा न्यारा। बताते चलें कि ब्लाक निघासन की ग्राम पंचायत बंगलहाकुटी आदि।करीब लगभग हर एक ग्राम सभा के ग्राम प्रधान मनरेगा के नाम पर आने वाले आगामी प्रधानी चुनाव के लिये अपना धन तैयार कर रहे मनरेगा का कार्य लॉकडाउन के चलते सरकार ने बाहर से आये हुये मजदूरों की जीविका हेतु मनरेगा का कार्य हर एक ग्राम सभा में ज्यादा से ज्यादा जॉब कार्ड बनवा कर गरीबों को कार्य दिये जाने हेतु चलवाया था।परंतु ब्लाक निघासन क्षेत्र की ग्राम पंचायत बंगलहाकुटी में योगी सरकार के आदेशों को ताक पर रखकर भ्रष्टाचारी प्रधान उसमें भी अपना फायदा देखते हुये मजदूरों से कार्य ले रहे परन्तु मनरेगा के कार्य हेतु श्रमिको के जॉब कार्ड बनाये जाते उसमें भी लगभग 30% प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से फर्जी जॉब कार्ड बनाये जाते वह कैसे जो लोग मनरेगा कार्य करने हेतु जाते हैं उनकी तो सरकारी कागजों पर खानापूर्ति सही होती है परंतु अन्य व्यक्ति मनरेगा में कार्य हेतु नहीं जाते हैं फिर भी ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम रोजगार सेवक की मिलीभगत के चलते जो लोग कार्य नहीं किये हैं, उनके भी कार्य के नामों की उपस्थिति लिख कर भेज दी जाती हैं।उसमे अतिरिक्त नामों की सूची पैसा लेने हेतु प्रधान के साथी समय पूरा होने पर सरकारी धनराशि को निकाल कर अपनी जेब भरते हैं सरकार लगातार गरीब व असहाय लोगों के लिये मदद करने के अनन्य जीओ पास करती हैं।परंतु वह जमीनी स्तर पर कभी भी लागू नहीं हो पाते  इस लिये गरीब तो गरीब ही रहता है वह अपनी जीविका चलाने में असमर्थ रहता जब कभी ग्राम सभा के प्रधान की जांच करायी जाती हैं,तो वह जांच सत्य भी गलत हो जाती हैं। जबकि योगी सरकार लगातार गरीबों के लिये परिवार चलाने हेतु काफी सुविधाये की परंतु उन गरीबों को वह सुविधाये प्राप्त नहीं हो पा रही योगी सरकार ने प्रधानों की संपत्ति की जांच हेतु आदेश पारित किया लेकिन अभी तक ब्लाक निघासन  की किसी भी ग्राम सभा की जांच नहीं की गयी जबकि किसी भी ग्राम सभा की जांच की जाये तो लाखों का घोटाले पाये जायेगे।जो मजदूर मनरेगा में काम करते हैं,उन्हें समय से पैंसा नहीं मिलता जो मनरेगा में कहीं काम तक नहीं किये हैं,उन्हें सबसे पहले ही पैंसा बैंकों के माध्यम से मिल जाता।गाँव बंगलहा,टपरी,कृपाकुंड,कोन्हापुरवा के मनरेगा मजदूर राजकुमारी, प्रमोद, मुनेश,अरविंद, गिरधारी आदि बताते हैं,की इस गाँव में प्रधान मनरेगा में जमकर फर्जी हाजिरी लगाकर लाखों कमा रहे हैं।इसीलिये ग्राम प्रधान,ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम रोजगार सेवक सरकारी धन दुरुपयोग कर मालामाल हो रहे हैं।

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