बैक स्टेज से ही निकलता है अच्छा एक्टर बनने का रास्ता

वरिष्ठ फिल्म/ थिएटर एक्टर अखिलेन्द्र मिश्रा : वही संकल्प पूरा होता है जिसका कोई विकल्प न हो

जन एक्सप्रेस/विनीत सिन्हा

कानपुर । अगर एक अच्छा एक्टर बनना है तो युवाओं को थिएटर में बैकस्टेज से शुरुआत करनी चाहिए। मैंने करीब 15 साल तक बैकस्टेज किया, आज जो भी कुछ हूं, यह उसी परिश्रम का सुपरिणाम है। यह बात आज अनुकृति रंगमंडल द्वारा इप्टा कानपुर के सहयोग से आयोजित ऑनलाइन वेबिनार में वरिष्ठ फिल्म/ थिएटर एक्टर श्री अखिलेन्द्र मिश्रा ने कही।

उन्होंने कहाकि देवकीनंदन खत्री के उपन्यास चंद्रकांता में जब निर्देशक नीरजा गुलेरी जी ने मुझे क्रूर सिंह के करेक्टर के लिए कास्ट किया तो मैंने उस करेक्टर को आत्मसात कर
तैयारी की। उन्होंने कहा कि
वही संकल्प पूरा होता है जिसका कोई विकल्प न हो।

रंगकर्मियों के सवाल जवाब के क्रम में उन्होंने आवाज पर काम करने, नियमित ओम का उच्चारण, शंख बजाने और कड़ी मेहनत पर जोर दिया।

वेबिनार का संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी, अनुकृति/ इप्टा कानपुर के सचिव डा. ओमेन्द्र कुमार ने किया।

उल्लेखनीय है कि श्री मिश्रा पिछले 15 साल से इप्टा मुंबई के प्रसिद्ध नाटकों एक और द्रोणाचार्य, आखिरी शमा, मोटेराम का सत्याग्रह में विभिन्न किरदार निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लेखक जो लिखता है अभिनेता उसे दृश्य बनाता है जिसे देख के दर्शक लुफ्त उठाते है।

उन्होंने बताया कि वे कक्षा 8 से थियेटर शुरू किया और आज इस मुकाम पर पहुंचने के बाद भी वह नाटक करते है।
मिश्र जी ने रंगमच में बैकस्टेज को बहुत महत्वपूर्ण बताया जिसमें उन्होंने बताया एक एक्टर को बैकस्टेज करना बहुत जरूरी है क्योंकि बैकस्टेज करते समय हम पूरे नाटक की जानकारी हो जाती है। एक्टर बनना कोई रेस नहीं है जिसमें जो आगे है वही एक्टर बन सकता है बल्कि जो रेस में सबसे पीछे है वो भी एक्टर बन सकता है यदि इसमें धैर्य क्षमता अनुशासन ईमानदारी जैसे गुण हों।
अपनी कमियों को नकारात्मक रूप से ना लेकर बल्कि उसे सकारात्मक रूप से देखना चाहिए।

वेबिनार में अनुकृति के अध्यक्ष दीपक सोलोमन, सुरेश श्रीवास्तव, राजीव तिवारी, कृष्णा सक्सेना, चित्रांशु श्रीवास्तव, महक कुशवाहा, नंदनी मालवीय, शुभी मेहरोत्रा, अनामिका, मधु अवस्थी, महेन्द्र धुरिया, जौली घोष, दिशा वर्मा, पूजा श्रीवास्तव, असित सिंह, सिरीश सिन्हा, जौली घोष, दीपिका सिंह, सुमित गुप्ता, यश वर्मा, ईशा वर्मा, आरती, उमेश मिश्रा, नीलू सिंह, पी के हिन्दुस्तानी, शिवेन्द्र त्रिवेदी, दिनेश कुमार, संजय सक्सेना, कुशल सक्सेना, कैलाश बाजपेयी, विजय भास्कर, समेत कई लोग मौजूद रहे।

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