साइबर अपराधों से बचने के लिए पुलिस अधीक्षक ने जारी की एडवाइजरी

बलरामपुर ।  जनपद बलरामपुर में भी अन्य जनपदों तथा प्रदेशों की तरह साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है। एटीएम बदलकर पैसे निकालने हो या फिर फोन तथा मैसेज के माध्यम से रुपयों की हेरा फेरी, सीधे-साधे लोगों को टप्पेबाजों द्वारा ठगे जाने का मामला लगातार प्रकाश में आता रहा है । बैंक, एटीएम तथा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में हो रहे फर्जीबाड़े से लोगों को बचाने के लिए पुलिस लगातार अभियान भी चला रही है। पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने जनपद वासियों  से साइबर अपराधियों से बचे रहने के लिए अपील करते हुए एक एडवाइजरी भी जारी की है । 
पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी साइबर क्राइम नियंत्रण के लिए एडवाइजरी में अपील किया गया है कि फोन कॉल, एसएमएस या अन्य किसी माध्यम से ओटीपी या यूपीआई पिन, एटीएम पिन किसी के साथ शेयर न करें ।केवाईसी के लिए एसएमएस पर ध्यान न दें और न ही एसएमएस में दिये गये मोबाइल नं0 पर कॉल करें। एसएमएस या वाट्सएप पर आये किसी भी लिंक या गूगल फार्म (जिस पर किसी भी कम्पनी, बैंक, ई-वॉलेट आदि का नाम हो सकता है) में कोई भी अपनी निजी जानकारी जैसे-यूूूपीआई पिन, एटीएम पिन, बैंक में पंजीकृत मोबाइल नं0, कार्ड नं0 रूपये (रूपये 01,02,05,10,20 आदि छोटी रकम हो सकती है) दर्ज न करें । छोटे रकम का झांसा देकर आपकी निजी जानकारी चुरा लेना मकसद होता है । किसी के भी कहने पर रिमोट एक्सेस ऐप जैसे- क्विक स्पोर्ट, एनी  डेस्क, टीम वाईवर न तो प्ले स्टोर या ऐप स्टोर लिंक के माध्यम से डाउनलोड करें और न ही उसका पिन व आईडी किसी को शेयर करें। फोन या अन्य किसी माध्यम से प्राप्त एसएमएस को अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बताये गये नं0 पर फारवर्ड न करें। एटीएम मशीन से कैश निकासी या जमा करते समय किसी की सहायता न लें, साथ ही अपने कार्ड के पीछे वाली सफेद पट्टी पर अपना नाम अवश्य लिखें, ताकि कार्ड बदले जाने पर तुरन्त पहचान कर सकें। बिना गार्ड वाले एटीएम मशीन को इस्तेमाल करने से बचें, पिन को हाथ से छुपाकर डालें। एटीएम कार्ड का पिन हमेशा समय-समय पर चेन्ज करते हैं। फोन, ई-मेल, एसएमएस, वाट्सएप या न्यूज पेपर के माध्यम से प्राप्त नौकरी, लॉटरी, पॉलिसी बोनस, सस्ता लोन आदि पर भरोसा न करें, साथ ही बताये गये पेटीएम या अन्य किसी वॉलेट में या किसी बैंक खाते में रूपयों का स्थानान्तरण या कैश जमा न करें।ओएलएक्स या अन्य जगह पर खरीदारी या समान बेचते समय रिक्वेस्ट मनी लिंक का इस्तेमाल न करें। रूपये प्राप्त करने हेतु किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करना होता है और न ही पे बटन को दबायें। फर्जी नेफ्ट या आरटीजीएस पर भरोसा न करें, भुगतान प्राप्त होने पर ही सामान की डिलीवरी करें। गूगल पर सर्च किये गए कस्टमर केयर नम्बर का इस्तेमाल न करें, धोखा हो सकता है। किसी भी समस्या के होने पर बैंक,ई- वॉलेट या अन्य सम्बन्धित की असली वेबसाइट पर ही जाकर कस्टमर केयर नम्बर या ईमेल का इस्तेमाल करें। फेसबुक इंस्टाग्राम टि्वटर ईमेल सहित अपने सभी सोशल अकाउंट का पासवर्ड  समय-समय पर  बदलते रहें । सोशल साइट्स अथवा ऐप के माध्यम बने मित्र या रिश्तेदार बनकर बात अथवा चैट या धन की मांग पर भरोसा न करें, फोन करके या मिलकर कन्फर्म अवश्य करें। सावधानी बरतें और सुरक्षित रहें । 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *