चौकी गैंडास बुजुर्ग पर दबंगों का साथ देने का आरोप

उतरौला / बलरामपुर । जनपद बलरामपुर में थानों पर फरियादियों को न्याय न मिलने की घटनाएं एक के बाद एक लगातार प्रकाश में आ रही है । सरकार तथा पुलिस अधीक्षक की मंशा पर थाना अध्यक्ष तथा उनकी टीम पानी फेर रही है । शासन की मंशा है कि यूपी पुलिस मित्र पुलिस के रूप में काम करें, कुछ ऐसा ही इरादा पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा भी रखते हैं । बलरामपुर पुलिस को मित्र पुलिस बनाने की ओर पुलिस अधीक्षक ने कई कदम उठाए हैं । इसके बावजूद भी पटरी से उतर चुकी व्यवस्था को सुधार पाने में अभी सफल नहीं हो पा रहे हैं। बिगड़ैल पुलिस कर्मी मित्र पुलिस बनने के लिए तैयार नहीं हैं। शायद यही कारण है कि गरीब तथा मजलूम फरियादियों की बात थाने पर नहीं सुनी जा रही है । ताजा मामला कोतवाली उतरौला के चौकी के गैंडास बुजुर्ग क्षेत्र के ग्राम बासुपुर चायडीह का है, जहां पर एक गरीब परिवार को गांव के ही कुछ दबंगों द्वारा जबरन दरवाजा खोलने का मामला प्रकाश में आया है । पीड़ित ने चौकी गैंडास बुजुर्ग पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचा, परन्तु पुलिस ने उसकी कोई मदद नहीं की । 
कोतवाली उतरौला क्षेत्र के ग्राम वासुपुर चायडीह  निवासी दिलीप कुमार ने बताया कि उनके ही गाँव के निवासी हरिकिशन जबरन उनके घर के सामने दरवाजा खोल लिए हैं । हरकिशन की उधर ना तो जमीन है और ना ही कोई अधिकार । पीड़ित दिलीप का कहना है कि दरवाजा उसके आंगन की ठीक सामने है । आंगन में बैठकर महिलाएं घरेलू कामकाज करती रहती हैं। दिलीप का आरोप है कि आरोपी हरकिशन व उसके साथ के लोग उनके घर की महिलाओं पर छींटाकशी करते हैं । जबरन दरवाजा खोलने की शिकायत लेकर पुलिस चौकी गैंडास बुजुर्ग पर गया, जहां पर उसकी फरियाद सुनने के बजाय चौकी प्रभारी द्वारा उसे फटकार लगा कर भगा दिया गया । जब पुलिस ही फरियादियों की नहीं सुनेगी तो फिर पीड़ित को न्याय कैसे मिलेगा और सरकार तथा पुलिस अधीक्षक की मंशा कैसे पूरी होगी । आखिर कब बनेगी मित्र पुलिस, यह एक बड़ा सवाल है । 

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