संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा हलषष्ठी व्रत,किया पूजन

राजापुर/चित्रकूट । पुत्र की सुख-समृद्धि, चिरायु की कामना के लिए महिलाओं ने रविवार को हलषष्ठी का निर्जला व्रत रखा। व्रती महिलाओं ने षष्ठी मइया का पूजन किया। धार्मिक मान्यता है कि हलषष्ठी का व्रत रखकर पूजन करने वाली महिलाओं के पुत्र समस्त विघ्नों से मुक्त हो जाते हैं। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। बलराम का प्रमुख शस्त्र हल था इसलिए इसे हलषष्ठी कहते हैं। कहीं-कहीं इसे ललही छठ का व्रत भी कहते हैं। दिन भर महिलाओं ने भजन-कीर्तन भी किया।महिलाओं ने पुत्र के दीर्घायु होने के लिए हलष्टटी व्रत रहकर हर्षोल्लास के साथ पूजन किया।बताते चलें कि द्वापर काल में शेष अवतार बलराम हलधर जो श्री कृष्ण के बड़े भाई थे किंवदंतियों के अनुसार एक बार  बलराम भगवान के बड़े पुत्र सौम्या हस्तिनापुर के राजा दुर्योधन के घर जाकर राजा सहित परिजनों के बीच बैठकर भोजन किया था उसी समय दुर्योधन की पुत्री लक्ष्मण भोजन परोस रही थी की बलराम के पुत्र और दुर्योधन की पुत्री से प्रेम हो जाने के कारण लक्ष्मणा को रथ बिठाकर अपहरण कर विवाह कर लिया हस्तिनापुर के राजा दुर्योधन को मालूम हुआ कि मेरी पुत्री को बलराम के पुत्र के द्वारा अपहरण कर लिया गया है पूरी सेना के साथ भगवान के पुत्र सौम्या को बंदी बनाकर हस्तिनापुर ले गए तभी भगवान श्री कृष्ण और बलराम को पुत्र के बंदी होने का समाचार मिला बलराम और कृष्ण हस्तिनापुर में आक्रमण कर दिया और शेष अवतार बलराम अपने अस्त्र हल  से हस्तिनापुर की जमीन को हल खींच कर गंगा में डूबने का कोप राजा दुर्योधन सहित अन्य राजाओं ने  देखा तब विनती अर्चना कर शांत कराया और पुत्र वधू लक्ष्मणा पुत्र सौम्या की रक्षा करते हुए वैदिक विवाह संपन्न हुआ तब से महिलाएं अपने पुत्र की रक्षा हेतु बलराम हलधर की पूजा इसी दिन करने लगी सनातन धर्म में महिलाओं के लिए यह त्यौहार अत्यंत महत्वपूर्ण है अपने पुत्र के दीर्घायु हेतु निर्जला व्रत रहकर भगवान से प्रार्थना करती हैं।

2 Replies to “संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा हलषष्ठी व्रत,किया पूजन”

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    Filippa Remus Sigmund

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