विद्यालय की बेशकीमती करोड़ों की जमीन पर भू माफियाओं का कब्जा

जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाले विद्यालय की प्रबंध समिति भी अतिक्रमण रोकने में नाकाम

बलरामपुर । प्रदेश की योगी सरकार सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे दारी को हटाने के लिए लगातार आदेश निर्देश जारी कर रही है । शासन के तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद भी सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले अतिक्रमणकारियों के ऊपर कोई प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है । ताजा मामला बलरामपुर जिला मुख्यालय के हृदय स्थली माने जाने वाले वीर विनय चौराहा के पास एमपीपी इंटर कॉलेज के छात्रावास के बगल छात्रों के लिए आरक्षित खेल मैदान से जुड़ा हुआ है। राज परिवार द्वारा प्रदत एमपीपी इंटर कॉलेज के छात्रावास का खेल ग्राउंड 2 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है। बेशकीमती करोड़ों के इस खेल ग्राउंड  पर दर्जनों लोगों द्वारा लगातार अतिक्रमण करके खेल मैदान को पूरी तरह से समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है । विद्यालय के प्रधानाचार्य कैप्टन जी पी तिवारी द्वारा लगातार खेल मैदान को खाली कराए जाने के लिए जिला प्रशासन से लिखित अनुरोध भी किया जा रहा है इसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है । आश्चर्य की बात तो यह है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाले विद्यालय की प्रबंध समिति भी विद्यालय पर हो रहे अतिक्रमण को नहीं रोक पा रही है । 
वीओ – बलरामपुर जिला मुख्यालय के ह्रदय स्थली माने जाने वाले वीर विनय चौराहे से सटे हुए बौद्ध परिपथ राष्ट्रीय राजमार्ग 730 के दोनों तरफ एमपीपी इंटर कॉलेज स्थापित किया गया है। बौद्ध परिपथ के पश्चिम साइड में एमपीपी इंटर कॉलेज की बिल्डिंग है, जहां पर हजारों की संख्या में छात्र अध्ययन करते हैं । वहीं पूर्वी तरफ छात्रावास तथा खेल मैदान है। छात्रावास में गरीब छात्रों के रहने के लिए व्यवस्था की गई है और उन्हीं छात्रों को खेलने के लिए 2 एकड़ से अधिक जमीन संरक्षित कर खेल मैदान के लिए छोड़ा गया है । इसी खेल मैदान के दो तरफ 2 दर्जन से अधिक दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण करके खेल मैदान को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पहले दुकानदारों ने छोटी-छोटी ढाबलियां रखी थी, बाद में ढाबली के पीछे गेट बना कर खेल मैदान की जमीन में अस्थाई निर्माण करके कब्जा जमा लिया है । खेल मैदान पर अवैध कब्जा का यह सिलसिला दशकों से चला आ रहा है। प्रधानाचार्य कैप्टन जी पी तिवारी की मानें तो उनके द्वारा वर्षों से जिला प्रशासन से खेल मैदान  कहां अतिक्रमण हटवाने की मांग किया जाता रहा है । जनवरी 2019 में जिला अधिकारी द्वारा तत्काल खेल मैदान से अतिक्रमण हटवाए जाने का लिखित आदेश तत्कालीन उप जिलाधिकारी सदर को दिया गया था । तत्कालीन उप जिला अधिकारी कुमार हर्ष ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शुरू की थी। उसी दौरान उनका स्थानांतरण हो गया और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शिथिल पड़ गयी । उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के प्रबंध समिति के पदेन अध्यक्ष जिला अधिकारी स्वयं हैं । सचिव जिला विद्यालय निरीक्षक तथा उपाध्यक्ष राज परिवार के लोग हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चलने वाले इस विद्यालय की बेशकीमती करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा हो रहा है और उसे रोकने में जिला प्रशासन असहाय है। यदि ऐसी जमीनों पर अवैध कब्जे को नहीं रोका जाएगा तो सामान्य स्थान के सरकारी जमीनों का क्या होगा यह एक बड़ा सवाल है  ? पूरे मामले पर जिला अधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और शीघ्र ही अतिक्रमण को खाली भी कराया जाएगा । वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार जयसवाल शीघ्र ही समिति गठित कर अतिक्रमणकारियों के विरोध अभियान चलाने की बात कर रहे हैं । गौरतलब है कि स्थानीय राजनीति विशेषकर नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के उद्देश्य से विद्यालय की करोड़ों की भूमि पर अवैध कब्जा को हटवाने में रोड़ा बन रहा है । जब भी अतिक्रमण हटाने की मुहिम तेजी पकड़ी है तब नगर पालिका अध्यक्षो द्वारा किसी ना किसी बहाने अभियान को रुकवा कर अतिक्रमणकारियों के मनोबल को बढ़ाया गया है । यही कारण है कि अवैध रूप से कब्जा करने के बाद भी अतिक्रमण कारी दुकानदार को प्रशासन की जरा सी भी खौफ नहीं है । 

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