विभागीय उदासीनता के कारण गड्ढों में तब्दील हो चुका


जन एक्सप्रेस /अखिलेश्वर तिवारी

बलरामपुर बैजपुर| मार्ग16 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से उतरौला गोंडा तथा बहराइच मार्ग की है कनेक्टिविटीवैकल्पिक बाईपास के रूप में प्रयोग हो सकता है बलरामपुर बैजपुर मार्ग
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर में प्रदेश सरकार अथवा जिला प्रशासन के किसी भी निर्देश का कोई असर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर पढ़ता नहीं दिखाई दे रहा है। जिले की लगभग अधिकांश ग्रामीण सड़कें पूर्णतया  ध्वस्त हो चुकी हैं । सड़कों में बने बड़े-बड़े गड्ढे विभाग की बिगड़ी मानसिकता को साफ दर्शा रहे हैं ।  सड़कों में बने बड़े-बड़े गड्ढों से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं । लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर अपनी जान से हाथ धो रहे हैं, परंतु विभाग समझने को तैयार नहीं है । 
 प्रदेश की योगी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था कि प्रदेश के कोई भी सड़क गड्ढा युक्त नहीं होगी। उन्होंने इसके लिए संबंधित विभागों को अस्पष्ट दिशा निर्देश जारी करके एक महीने के भीतर सभी सड़कों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया था । सीएम योगी के निर्देशों का पालन जिम्मेदार विभाग विशेषकर लोक निर्माण विभाग के दोनों खंड निर्माण खंड तथा प्रांतीय खंड के अधिकारियों द्वारा कागज में कर दिया गया। अधिकांश सड़कें विभागीय रिकॉर्ड में गड्ढा मुक्त कर दी गई हैं, परंतु धरातल पर स्थिति कुछ और ही नजर आ रही है । सड़कों का गड्ढा मुक्ति योजना विभागीय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। विभाग के अधिकारी तथा ठेकेदारों की मिलीभगत से गड्ढा मुक्ति के नाम पर मोटी रकम विभाग से आहरित किया जा चुका है ।विकासखंड सदर के अंतर्गत बलरामपुर  बैजपुर मार्ग, बालपुर बीरपुर मार्ग, बालपुर जोरावरपुर मार्ग सहित दर्जनों ऐसी सड़कें हैं जिसे विभागीय कागजों में गड्ढा मुक्त किया गया है, परंतु किसी भी सड़क पर गड्ढा मुक्ति अभियान नहीं चलाया गया । बलरामपुर  बैजपुर मार्ग पर तो ठेकेदार द्वारा गड्ढा मुक्ति के लिए गिट्टी तथा तारकोल गिराए गए थे जिसे कुछ दिनों बाद वापस उठा लिया गया । बाजपुर मार्ग की सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।  गड्ढा युक्त सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त होकर लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं परंतु विभागीय अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है । स्थानीय लोगों द्वारा बराबर सड़क के रिपेयरिंग का जाने की मांग उठाई जा रही है । इसके बावजूद भी ना तो जनप्रतिनिधियों को समस्या दिखाई पड़ रही है और ना ही विभागीय अधिकारियों को। 
 बाईपास का काम कर सकता है बैजपुर मार्ग
स्थानीय लोगों की माने तो बलरामपुर बैजपुर मार्ग बलरामपुर गोंडा मार्ग से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग बौद्ध परिपथ 730 को 16 किलोमीटर दूरी तय करके जोड़ता है । इस मार्ग को चौड़ा करके बना दिए जाने से गोंडा, उतरौला बस्ती तथा बहराइच की ओर से आने वाले वाहन बगैर बलरामपुर बाजार में प्रवेश किए बाहर से आवागमन कर सकते हैं । बाईपास ना होने की दशा में यह मार्ग बहराइच गोंडा तथा बस्ती के लिए वैकल्पिक बाईपास मार्ग का काम कर सकता है । सैकड़ों गांव के हजारों लोग प्रतिदिन इसी गड्ढा युक्त मार्ग से आते जाते हैं । 
पीएमजीएसवाई में स्वीकृति के लिए भेजा गया था प्रस्ताव
          बलरामपुर बैजपुर मार्ग को सुलभ बनाने के लिए तत्कालीन सांसद दद्दन मिश्रा द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया था, परंतु प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में उस समय 13 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए स्वीकृति प्रदान नहीं की गई थी । बलरामपुर गोंडा मार्ग पर भगवती गंज से बहराइच बलरामपुर मार्ग पर रेणुका नाथ तक 13 किलोमीटर लंबी सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृति के लिए भेजा गया था । लोकसभा चुनाव के बाद सांसद दद्दन मिश्रा के चुनाव हार जाने के बाद दोबारा इसकी पैरवी करने वाला कोई नहीं रहा, जिसके कारण यह सड़क ना तो प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ठीक कराई जा सकी और ना ही किसी अन्य योजना में इस सड़क को रिपेयर कराया गया । यहां तक कि गड्ढा मुक्त योजना से भी बलरामपुर  बैजपुर मार्ग बंचित रहा । हालांकि सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस मार्ग को भी कागजों में गड्ढा मुक्त किया गया है । 

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