श्री राम जन्मभूमि आंदोलन की प्रणेता रही गोरक्षपीठ

-जीतेंद्र सिंह हिंदू युवा वाहिनी जिला संयोजक

रायबरेली ।
श्री राम जन्मभूमि आंदोलन राम कृपा से राम मंदिर निर्माण प्रारंभ हो गया है और इस समय यह दैवीय संयोग है कि यह पुण्य कार्य जिनकी देखरेख में संपन्न होगा वह गोरखनाथ पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जी की इस समय उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं गोरखनाथ पीठ राम जन्मभूमि आंदोलन का प्रणेता रही है गोरखनाथ मठ की तीन पीढ़ियां मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के गुरु महंत अवैद्यनाथ और अवैध नाथ जी के गुरु मंहत दिग्विजय नाथ जी का योगदान अभूतपूर्व रहा है गोरखनाथ मठ के महंत दीग्विजय जी पहले व्यक्ति थे जिनकी अगुवाई में भगवान श्री राम जन्म भूमि के अधिकार को वापस पाने के लिए आंदोलन प्रारंभ हुआ है मेवाड़ में जन्मे महान दिग्विजय नाथ जी ने गोरखनाथ पीठ द्वारा गोरखपुर में अनेक शिक्षण संस्थानों को स्थापित किया उनमें से लेकर विधानसभा और संसद तक राम मंदिर की बात को पूरी दमदारी से उठाया । सच तो यह है कि करीब 500 वर्षों से राम मंदिर की मांग को आंदोलन के रूप में एक मजबूत बुनियाद देने का काम उन्होंने किया था ।महंत दिग्विजय नाथ ने पहली बार 22 दिसंबर 1949 को राम जन्मभूमि अयोध्या में भगवान राम की प्रतिमा का पूजन प्रारंभ कराया दिग्विजय नाथ हिंदू महासभा के प्रथम पंक्ति के नेताओं में शुमार थे हिंदू महासभा के विनायक दामोदर सावरकर के साथ दिग्विजय नाथ मंदिर आंदोलन को आगे बढ़ाया दो बार मनीराम से विधायक और बाद में 1967 में गोरखपुर संसदीय सीट से सांसद चुने गए महंत दिग्विजय नाथ प्रतिज्ञा और सम्मान से समझौता न करने वाले व्यक्ति थे1969 में चिर समाधि लेने तक उनका राम मंदिर आंदोलन जारी रहा उनके बाद गोरक्ष पीठाधीश्वर के रूप में महंत अवैद्यनाथ जी प्रतिष्ठित हुए उन्होंने अपने गुरु के कार्य को न केवल आगे बढ़ाया बल्कि उसे और विस्तार दिया महंत अवैद्यनाथ जी अशोक सिंघल जी और महंत परमहंस जी के साथ मंदिर आंदोलन के कर्णधारों में थे पूज्य योगी आदित्यनाथ के गुरु गोरखनाथ पीठ के महंत रहे अवैध नाथ 1991 के राम मंदिर आंदोलन के समय प्रमुख चेहरा थे महंत अवैद्यनाथ जी श्री राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के आजीवन अध्यक्ष रहे गोरखनाथ पीठ की स्वीकार्यता इस तरह रही कि उन्होंने संसद में चार बार गोरखपुर का प्रतिनिधित्व किया बतौर उत्तराधिकारी उनके साथ दो दशक से लंबा समय गुजारने वाले पीठाधीश्वर पूज्य योगी आदित्यनाथ जी आज देश के सबसे बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं उनके गुरु पूर्वजों का आशीष है जो अयोध्या में राम मंदिर रूपी महायज्ञ उनके हाथों संपन्न हो चुका है प्रधानमंत्री आदरणीय माननीय नरेंद्र मोदी जी द्वारा संपन्न हुई नींव अर्चना के पीछे उनका सुविचार भी रहा होगा जब उन्होंने योगी आदित्यनाथ जी को उत्तर प्रदेश का दायित्व सौंपा होगा जन-जन का चिरप्रतिक्षित स्वप्न पूर्ण होने जा रहा है, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है और राम ने अपने सहायक के रूप में पूज्य महाराज जी योगी आदित्यनाथ जी को ढूंढ लिया है

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