शक्ति ट्रेवेल्स फर्म के कर्मचारी करवा रहे थे एमसीएफ में चोरी

लगभग 30 किलो कॉपर की प्लेटों के साथ फर्म के कर्मचारी को आरपीएफ ने धर दबोचा


जन एक्सप्रेस संवाददाता
रायबरेली।
मार्डन रेल कोच फैक्ट्री में ट्रांसपोर्ट फर्म के कर्मचारियों के काले कारनामों का खुलासा हुआ है। सिक्योरिटी चीफ आरपीएफ सुरेन्द्र मीना ने एक युवक को करीब 30 किलो कॉपर की प्लेटों के साथ गिरफ्तार किया है। एमसीएफ में बीते एक साल से चोरी की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। इसकी जानकारी जब अधिकारियों को लगी तो उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चैबन्द कर दिया। शुक्रवार को एमसीएफ सिक्योरिटी चीफ आरपीएफ सुरेंद्र मीना ने एक युवक अतुल शुक्ला को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से करीब 30 किलो के कॉपर प्लेटें बरामद हुए है। गिरफ्तार युवक की निषानदेही पर आरपीएफ की टीम ने लालगंज क्षेत्र के व्यवसायियों के दुकानों पर छापेमारी की है। साथ ही उक्त घटना की जानकारी कोतवाली लालगंज से भी साझा की है।
मामला रेल कोच फैक्ट्री लालगंज का है। जहां शक्ति ट्रेवेल्स नाम की एक फर्म अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराती है। जिससे उनके यातायात की सुविधा सुगम हो सके। लेकिन इसी की आड़ में फर्म के कर्मचारी एमसीएफ में चोरी की घटना को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते थे। लेकिन चोरो के लिए शुक्रवार का दिन खराब रहा। एमसीएफ के एक बड़े अधिकारी को यूपी32जेएन9295 गाड़ी संख्या एलॉट की गई है। जिसका चालक अतुल शुक्ला निवासी देवगांव है। शक होने पर जब एमसीएफ सिक्योरिटी चीफ सुरेन्द्र मीना ने उक्त गाड़ी को रोका जिसमे एमसीएफ के अधिकारी गाड़ी में नहीं थे। गाड़ी की जमा तलाषी करने पर एक झोले से उन्हे लगभग 30 किलो के कॉपर की प्लेट मिले है। जिसके बाद अधिकारी ने उक्त घटना की सुचना तुरन्त अपने आलाधिकारियों को दी। जिसके बाद आरपीएफ ने अतुल शुक्ला को हिरासत में ले लिया। पूछताछ पर जानकारी मिली कि यह अन्दर से चोरी के माल को लाता है और शक्ति ट्रेवेल्स फर्म के ड्राइवर गुड्डू को दे देता है। जो चोरी के सामान को बेच कर सबका हिस्सा बांट देता है।

एमसीएफ ऐसी फर्म को क्यो नही कर देती ब्लैक लिस्टेड
शक्ति ट्रेवेल्स फर्म के कर्मचारियों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम देने की घटना पर अधिकारियों ने कर्मचारियों पर नकेल कसी है। लेकिन अभी तक फर्म पर किसी तरह की कार्यवाइ्र्र नही की है। जो कि एमसीएफ कर्मचारियों की कार्यषैली पर सवाल उठा रही है। फर्म के कर्मचारियों द्वारा एमसीएफ में चोरी की घटना को अंजाम दिया जाता है और अधिकारी फर्म के खिलाफ कोई कार्यवाई नही करते हैं, यह एक सोचनीय विषय है।

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