प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बहुरेगे मत्स्य पालकों के दिन

डीएम की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक


जन एक्सप्रेस/मुशीर।
लखीमपुर खीरी।
बुधवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत जिला स्तरीय की बैठक आयोजित हुई। जिसमें मुख्य रुप से मुख्य विकास अधिकारी अरविंद सिंह मौजूद रहे।जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता करते हुए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। उन्होंने कहा कि खीरी में मत्स्य पालन में अपार संभावनाएं है। इस योजना के क्रियान्वयन से ना केवल मत्स्य पालकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा बल्कि उनके दिन भी बहुरेंगे।मुख्य विकास अधिकारी अरविंद सिंह ने योजना पर अपने विस्तृत विचार करते हुए कहा कि यह मत्स्य पालकों एवं मछुआ समुदाय के लोगों के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। समिति के समक्ष प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की 05 वर्षों की कार्य योजना पर विचार हुआ। वहीं समिति में वर्ष 2020-21 में प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर विचार किया। बताते चलें कि इस योजना अंतर्गत कुल 65 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें भौतिक सत्यापन के उपरांत 53 प्रस्ताव पात्र एवं 12 प्रस्ताव अपात्र पाए गए।सहायक निदेशक मत्स्य संजय यादव योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया इस योजना का कार्य वर्ष 2020 से वर्ष 2025 तक का है। उन्होंने बताया इस योजना का लाभ लेने हेतु मत्स्य पालक, मछुआ समुदाय, मत्स्य विक्रेता, मत्स्य विकास निगम, मत्स्य जीवी सहकारी समितियां एवं फेडरेशन, राज्य सरकार के मत्स्य विभाग लाभार्थी हो सकते हैं। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में राज्य स्तरीय अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति एवं जिला स्तरीय समिति गठित की गई है। योजना की गतिविधियां क्लस्टर आधारित होंगी। योजना में अधिक से अधिक लघु एवं सीमांत मत्स्य पालकों को आच्छादित किए जाने का प्रावधान है। योजना में व्यक्तिगत लाभार्थी को अधिकतम 02 हेक्टेयर तक की सीलिंग निर्धारित की गई है। परंतु समूह में 02 हेक्टेयर के गुणांक में उनके सदस्यों को अधिकतम 20 हेक्टेयर तक की सीलिंग निर्धारित है। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 30 उप योजनाओं एवं उनकी इकाई लागत के संबंध में जानकारी दी जिन्हें वर्ष 2020-21 के लिए चिन्हाकित किया गया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद कुमार, पीडी डीआरडीए रामकृपाल चौधरी, सहायक निदेशक मत्स्य संजय यादव सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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