कुपोषण के खिलाफ जनांदोलन खड़ा करें आंगनबाड़ी कार्यकत्री

जन एक्सप्रेस संवाददाता
हमीरपुर
। पोषण माह के तहत आज कृषि विज्ञान केंद्र कुरारा में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की समस्त परियोजनाओं की पांच-पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सीडीपीओ और सुपरवाइजर की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन के दौरान कुपोषण को हराने से पहले एनीमिया से पार पाने पर चर्चा की गई और पोषण वाटिका के टिप्स दिए गए। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरजीत सिंह ने उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि कुपोषण से निपटना चुनौती है, लेकिन इससे पूर्व हमें एनीमिया को हराना है। एनीमिया को अगर हरा देते हैं तो कुपोषण के विरुद्ध आधी जंग जीत ली जाएगी। उन्होंने कहा कि एनीमिया कोई बीमारी नहीं बल्कि खानपान में हीलाहवाली से उत्पन्न होने वाली अवस्था है। अक्सर गर्भावस्था के समय महिलाएं खानपान छोड़ देती हैं। जिससे वह एनीमिया की शिकार हो जाती है और उससे उत्पन्न होने वाली संतान कुपोषण की चपेट में आ जाती है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कुपोषण के विरुद्ध जनांदोलन छेडऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को पोषण वाटिका के प्रति जागरूक करें ताकि घर में पैदा होने वाली हरी सब्जियों से कुपोषण और एनीमिया को दूर किया जा सके। पोषण वाटिका को आसानी से घर में लगाया जा सकता है। सेम, तुराई, कद्दू, लौकी, हरी मटर की सब्जियां घर में ही लगाई जा सकती हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक मुस्तफा मुहम्मद ने पोषण युक्त सब्जियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मशरूम से विटामिन डी, सहजन और हरी सब्जियों के सेवन से आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिक फूलवती ने पोषण वाटिका के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गांवों में पोषण वाटिका स्थापित करने में आसानी है, क्योंकि ज्यादातर घर कच्चे और बड़े होते हैं। पोषण वाटिका में हरी सब्जियों को आसानी से लगाया जा सकता है। इस मौके पर कार्यकर्ताओं को सहजन, आंवला, नींबू, जामुन, अमरूद, आम जैसे फलदार वृक्षों के पौधे और हरी सब्जियों के बीज प्रदान किए गए। इस मौके पर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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